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Friday, 13 February 2015

एक मुट्ठी आसमान चाहिए




यहां सफर कैसा भी हो,
सभी को रास्ता एक, आसान चाहिए।

यहां मंज़िल कैसी भी हो,
लोगो को तो बस एक, पहचान चाहिए।

सोने वाले सपनों से थक कर सो गए,
अब हर किसी को महल एक, आलिशान चाहिए।

कोशिश तो करते हैं सब अपने लिए जीने की,
पर यहां जीने के लिए भी, एक मुट्ठी आसमान चाहिए।


79 comments:

  1. वो जीने की आज़ादी कभी छीनी तो नहीं किसी ने, पर वो खुद के आसमा में उड़ने का हर पंछी का सपना होता है.
    बहुत बहुत बहुत अच्छी पोस्ट। ढेरो बधाईया

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  2. absolutely correct.
    nice words.. hats-off boss

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  3. खूबसूरत और दिलकश। मुझे अपने हिस्से का बस मुट्ठी भर आसमान चाहिए, पर आना चाहिए इस मुट्ठी में

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  4. 👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍

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  5. Yes we all need a fist of sky. which is only ours
    beautiful lines..regards

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  6. Ek do aasmaan aur sahi,
    Aur thodi udaan aur sahi....

    Dhoop ko neend aa bhi sakti hai,
    Chhanw ki dastaan aur sahi.....

    Baarishon... honsle buland rahe,
    Mera kachcha makaan aur sahi.....

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    1. खूबसूरत पंक्तिया ! यहाँ शेयर करने के लिए आभार !

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  7. Udhna chahta hai ye panchhi jeene ke liye, isko bas ek muthi aasmaan chahiye

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    1. Rasata to hai per chalne ke liye Sahara chaiye

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  8. सफ़र हमसे जुड़ा कैसा भी हो
    मुझे तो बस तेरा साथ चाहिए

    इम्तेहान इस मोड़ पर कैसा भी हों
    मुझे तो बस तेरा विश्वास चाहिए

    ख्वाबों का कारवां मंजिल पर पहुँचेगा जरूर
    मुझे मेरे हाथों में तेरे हाथ चाहिए

    जीने के लिए ये जिंदगी भी कम पड़ जाए
    मुझे अपने प्यार में इतना प्यार चाहिए

    u r my lifetime favourite *_*

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    1. खूबसूरत आरोही। हर एक शब्द.. हर एक जज़्बात..
      आभार

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    2. बहुत तरसी हैं, एक एक धड़कन दिल की..
      बस यही फुर्सत के लम्हात, यही जज़्बात चाहिए।

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  10. Replies
    1. इस अभिमूल्यन के लिए धन्यवाद मोनिका जी

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  11. बेहद अच्छे जज़्बात

    मुझको न रास आएगा तेरा ज़मीनी क़फ़स
    हम परिंदो को एक मुट्ठी आसमान चाहिए

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  12. It's impressive that you are getting ideas from this piece of writing as well as from our discussion made

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    1. Yes Shweta... Thanks for that Conversation.... :)

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    1. अच्छा! फिर तो चलो हिमालय पर मेरे साथ!

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  14. बहुत ही अच्‍छी रचना की प्रस्‍तुति।

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    1. बहुत बहुत धन्यवाद कहकशां.. आपकी इस सराहना के लिए

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  15. बहुत अच्छा लिखा है

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    1. बहुत अच्छा लिखा है

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    2. शुक्रिया समरीन

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  16. जीने की पहचान तो जरूरी है सभी को ...
    अच्छी रचना ...

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    1. शुक्रिया दिगंबर जी

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  18. आपका ब्लॉग मुझे बहुत अच्छा लगा, और यहाँ आकर मुझे एक अच्छे ब्लॉग को फॉलो करने का अवसर मिला. मैं भी ब्लॉग लिखता हूँ, और हमेशा अच्छा लिखने की कोशिस करता हूँ. कृपया मेरे ब्लॉग पर भी आये और मेरा मार्गदर्शन करें.

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  24. जब जिंदगी मौत बन जाये तो कुछ कर लो यारो ,
    अभी नहीं तो मरने के बाद कुछ छोड़ कर जाओ यारो !


    आपका प्रिय दोस्त :- आरिफ खान , चुरेसर
    मोबाइल नंबर :- 8405044246

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  31. har ghadi har pal bs ek phcaan tumhari baki hai........
    mere tutay huy aasmaan pr kuch nisaan tumhaary baki hai....
    wo haath chudana mujhsay tera....yaad teri dy jata hai....
    wo lmha lmha aanshu ka...... meri ankhay nam kr jaata hai..

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  32. kamaal kee pnktiyaan hain ,saare jeevan kaa saar aur haqikat sir chand shabdon me ..............badhaai sweekaar karain.

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  33. kamaal kee pnktiyaan hain ,saare jeevan kaa saar aur haqikat sir chand shabdon me ..............badhaai sweekaar karain.

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  38. Ky khoya- paya maine zindgi me aa kar , kuch nhi khoya or na hi kuch zindgi me aa kar ... sapno si h zindgi dekhne ko sbko aazadi h , har khwab pura ho ye kaha jaruri h....

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  41. True Words..Very Inspiring
    Thanks for Sharing.

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  42. बहुत ही खुबसूरत रचना
    Urdu Sher of Mirza Ghalib

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  43. बचपन मे अरमान था
    परीयो से भरा एक आसमान हो।।
    कुछ बडे हुए तब समझ आया
    जिन्दगी आसमान को छु ले वो मुकाम हो।।
    चलता गया वक्त से भी तेज ये सोचकर
    कुछ वक्त अभी बाकी हे वो मुकाम पाने मे।।
    जब पहुचा आसमान कि उचाइयो पे
    तो अपनो का साथ यु धुन्धला सा नजर आया।।
    आसमान तो छु लिया था मेने पर
    अपनो का साथ ओर सारा जहान बाकि हे
    जिन्दगी गुजरने को चली
    फिर भी दिल मे एक अरमान बाकि हे ।।
    मरने के बाद भी दो गज जमी तो मिली
    बस अपनो के साथ एक मुट्ठी आसमान बाकि ह।।

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