हमें इ-मेल द्वारा फोल्लोव करें! और हज़ारो लोगो की तरह आप भी इस ब्लॉग को सीधे इ-मेल द्वारा पढ़े!

Saturday, 17 January 2015

यही दर्द मुझे अब जीने की वजह देगा




न जाने क्यूँ ये जिंदगी आज, उन चंद ख्वाहिशों की मोहताज है.
और, न जाने क्यूँ आज इन खामोशीयों मे भी आवाज़ है।
इस अंतरात्मा से बार-बार आती एक आवाज़ है,
जो हर पल दे रही एक अज़ाब है
 ये अज़ाब ही है, जो बुन रहा एक ख्वाब आज फिर,
उस ख्वाब का ही पंछी हूँ मैं, 
जो हो रहा है मेरे साथ, उसका साक्षी हूँ मैं
ये वही हूँ मैं,
जो उस दर्द का गुनहगार है,
पर हर उस खुशी का हकदार है
जो अब तक उससे जुदा है,
जुदा है तब तक,
जब तक खुद से किया ये वादा पूरा ना हो,
जब तक ये जागती आँखों से देखा ख्वाब पूरा ना हो,
जब तक इस नादान परिंदे की उड़ान पूरी ना हो।
माना ये दर्द मुझे जीने नहीं देगा,
पर मुझे पूरा विश्वास है,
 ये वक़्त आज फिर मुझे एक मौका देगा,
यही दर्द मुझे अब जीने की वजह देगा।
यही दर्द मुझे अब जीने की वजह देगा।


21 comments:

  1. यही दर्द मुझे अब जीने की वजह देगा यही दर्द मुझे अब जीने की वजह देगा

    ReplyDelete
  2. बहुत ही सुंदर रचना

    ReplyDelete
  3. This comment has been removed by the author.

    ReplyDelete
  4. This comment has been removed by a blog administrator.

    ReplyDelete
  5. This comment has been removed by a blog administrator.

    ReplyDelete
  6. This comment has been removed by a blog administrator.

    ReplyDelete
  7. This comment has been removed by a blog administrator.

    ReplyDelete
  8. This comment has been removed by a blog administrator.

    ReplyDelete
  9. This comment has been removed by a blog administrator.

    ReplyDelete
  10. Send money to almost anywhere in the world in just seconds. Manage all the ways you send, receive, and spend money at a glance
    paypal login

    ReplyDelete

इस पोस्ट पर कमेंट ज़रूर करे..
केवल नाम के साथ भी कमेंट किया जा सकता है..

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...
My facebook ID:Sumit Tomar